मोहब्बत


कसम क्या दे उन्हें अब मोहब्बत का,
वो दिन थे जब हम जला करते थे.
अब ये राते हैं,
जब वो जला करती हैं.

परमीत सिंह धुरंधर

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हालात बदल रहें हैं


वो हाल पूछती है हमसे मौसम का,
जबकि उनके शौहर मौसम विभाग में हैं.
हालात इस कदर बदल रहें हैं,
की उनके बच्चे भी अब हमारी सोहबत में हैं.

परमीत सिंह धुरंधर

वक्त और किस्मत


वक्त के बदलने का इंतज़ार मत कर मुसाफिर,
वक्त और किस्मत में एक ही भेद है.
वक्त किसी का मोहताज़ नहीं होता,
और किस्मत पे किसी का जोड़ नहीं होता.

 

परमीत सिंह धुरंधर