बेगम तुम्हारी, तुमसे सवाल करेंगी


कभी – कभी,
पलके शरारत करेंगी।
कभी – कभी,
पलके क़यामत करेंगी।
तुम हर परिस्तिथि में,
खुद को संभाले रखना।
कभी – कभी, बेगम तुम्हारी,
तुमसे सवाल करेंगी।
तुम दोनों मिलकर,
आगे बढ़ना।
चाँद न मिले तो न सही,
पर दिया जला कर ही खुसी बाटना।
कभी – कभी,
तकरार बेकार लगेगी।
कभी – कभी,
तकरार प्यार भरेगी।
तुम हर परिस्तिथि में,
खुद को संभाले रखना।
कभी – कभी, बेगम तुम्हारी,
तुमसे सवाल करेंगी।

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परमीत सिंह धुरंधर

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