बिहार के दोनों लाल ऐसे


एक का नाम Aftab है,
और एक का नाम Crassa.
बिहार के दोनों लाल ऐसे,
कहीं भी जमा दें तमाशा।

एक का नाम Vipul है,
और एक का नाम Raman.
बिहार के दोनों लाल ऐसे,
साथ चलें तो जैसे नर-नारायण।

एक का नाम Rajesh Prasad है,
और एक का नाम Vimal Kishor।
बिहार के दोनों लाल ऐसे,
छाँट दे अँधेरा और कर दे भोर.

 

परमीत सिंह धुरंधर

I am burning in my own desire


In your arms I want to melt.
But my ego makes it harder
The more close I want to come
The more I go further.

You are my moon, which never merges with me
Because of my own gravity
But its true, I am only for you
Till eternity

I am burning in my own desire
As if you always were the source of fire
This is my destiny
My Love is my tragedy

By one of my close friend

Samarendra Singh

चौसा – लंगड़ा


रसों का शौकीन मैं भी,
रसों का शौकीन तू भी.
बरसो हुए वो माटी छूटा,
बरसो हुए वो पानी मिला,
तो बता ये बंधू,
कैसे लाऊँ रस वही.
चौसा – लंगड़ा पे,
चटकारती मेरी जीभ,
अब तक प्यासी है,
फिर उसी स्वाद को.
तो बता ये बंधू,
कैसे लाऊँ रस वही.

परमीत सिंह धुरंधर

जश्न


बढे चलो यूँ ही मेरे दोस्त,
जीवन पथ पे.
हर पल में पाओगे हमें,
कदम – से – कदम मिलाते.
हर उतार-चढ़ाव में,
मेरा कन्धा और हाथ हैं तुम्हारे लिए.
और हर जश्न में मैं मिलूंगा,
तुम्हारे साथ जाम उठाये.

परमीत सिंह धुरंधर

समर का शंखनाद


हर दिशा में गूंज रहा है समर का शंखनाद,
हवाओं में है बेचैनी, फिजाओं में है तनाव।
हर दिशा में गूंज रहा है समर का शंखनाद।
हर नजर लगी है बस समर की ही ओर,
की जल्दी ही होगी एक नयी भोर।
की कोई एक अकेला ही समर में इंद्रा होगा,
की समाप्त होगा जल्द ही वर्चस्व का ये विवाद।
हर दिशा में गूंज रहा है समर का शंखनाद।
हर दिशा में गूंज रहा है समर का शंखनाद।

परमीत सिंह धुरंधर