आलू – बैंगन – कांदा


दो – चार किलो दही,
दो – चार किलो आंटा।
आ बसा लें गृहस्ती,
तू लम्बी, मैं नाटा।
तुम्हे सैंडल भी दिलाऊंगा,
तुम्हे गहने भी पहनाउंगा।
लेकिन पहले सम्भालो आके,
मेरा चूल्हा – चौकी – चाका,
तू लम्बी, मैं नाटा।
दो – चार किलो दही,
दो – चार किलो आंटा।
आ बसा लें गृहस्ती,
तू लम्बी, मैं नाटा।
तेरे ओठों से लगा के,
हर रंग चखूँगा.
तेरी जुल्फों से बांध के हर,
खवाब रखूँगा।
लेकिन पहले सीख ले चलाना,
बेलन – छुरी -काँटा,
तू लम्बी, मैं नाटा।
दो – चार किलो दही,
दो – चार किलो आंटा।
आ बसा लें गृहस्ती,
तू लम्बी, मैं नाटा।
तुझे दिल्ली भी घुमाऊंगा,
तुझे पिक्चर भी दिखाऊंगा।
लेकिन पहले सीख ले बनाना,
आलू – बैंगन – कांदा,
तू लम्बी, मैं नाटा।
दो – चार किलो दही,
दो – चार किलो आंटा।
आ बसा लें गृहस्ती,
तू लम्बी, मैं नाटा।

 

परमीत सिंह धुरंधर

लाड़ली


बाबुल तुझसे दूर जा रही है,
तेरी लाड़ली अनजान बनके।
नए धागों में ही बांधना था,
तो क्यों संभाला था दिल में?
अपनी जान बोलके।
मैं हंसती थी, तो तुम हँसते थे.
मैं रोती थी, तो तुम रोते थे.
रिश्ता था अगर वो सच्चा,
तो क्यों बाँट दिया आँगन?
मुझे अपना सौभाग्य बोलके।
अब किससे दिवाली पे तकरार होगी?
रूठ कर किसपे प्रहार करुँगी?
याद आवोगे जब इन आंशुओं में,
तो किसके सीने से दौड़ के लगूंगी?
अगर मैं हूँ खून तुम्हारा,
तो क्यों सौंप रहे हो गैरों को?
अपनी शान बोलके।

 

परमीत सिंह धुरंधर

हमारी बेगम -जान हो


बेगम – जान हो, हमारी तुम बेगम -जान हो,
हम हैं सुखल छुहारा तुम पहलवान हो.
खाती हो, खिलाती हो, धौंस भी दिखती हो,
बीस बरस की शादी के बाद भी,
सोलह सी सरमाती हो.
दो बच्चों की अम्मा,
तुम अब भी बड़ी नखरेबाज हो.
बेगम – जान हो, हमारी तुम बेगम -जान हो.
हम हैं सुखल छुहारा तुम पहलवान हो.

मन की सच्ची हो, कान की कच्ची,
पुरे मोहल्ले की सहेली हो तुम पक्की।
पल में हवा में महल बना देती हो,
बात – बात में मायके का करती गुमान हो.
दो लड़कियों की अम्मा तुम अब भी कच्ची -कचनार हो.
बेगम – जान हो, हमारी तुम बेगम -जान हो.
हम हैं सुखल छुहारा तुम पहलवान हो.

 

परमीत सिंह धुरंधर

Hip-waist ratio: nature’s definition of beauty


What is not affected by evolution in human life? The answer is linked with women. Evolution has not affected the hip-waist ratio of women, and it has also not affected the desire to be the most beautiful women in the world. The second is due to some kind of selection where every guy or his family like to select the most beautiful girl for the marriage. It is different thing that the criteria of beauty changes time to time. I have been trying to understand how the married life of a beautiful girl would be. Is it different than the married life of normal or not beautiful girl. Since I am not married, I thought to get the answer from Indian knowledge of palmistry. The marriage line for a guy is under the little finger and above the heart line. The third parameter for a line to be qualify as marriage line is that it should be on the mount of Mercury. The area below the little finger is the mount of Mercury. The more number of lines you have, the more relationship you will have in your life. But the number of lines does not mean that you will be in a relationship with a beautiful girl. What is the chance that you will a get a beautiful wife in your life? Our ancient knowledge has answer for this. There are two ways that you can know from your hand whether you would marry the most beautiful girl or not. First, if the line of marriage touch or reach into the area of Mount of Sun. The mount of Sun is below the ring finger. If it touch the starting point of the mount or the base of ring finger, it suggests your wife will be very beautiful. However, there is a cost for this, there is a chance that you will run away from your marriage. You will not be able to enjoy the married life and thus leave her and become hermit like Lord Budhaa. If the line penetrates more into the mount of Sun, there might be a chance that you would run away before the marriage finalizes.

The second symbol for marriage with a beautiful wife is generally under index finger which is symbol, for Jupiter. People whose life is under Jupiter are mostly scholars, and thus they also loose interest in their wife soon. The problem starts when there is no children. The lady might fall for other guy and this might create social problem. So the conclusion is that the married life of the most of the beautiful lady is not successful or they never married. For example, Urvashi, Menka, Amarpaali (Vaisali Nagar Vadhu), Rekha, Suriyaa, Jayaparda, Dimple …etc. So if a guy says that he is married with the most beautiful girl, then he is either a fool or he does not know the meaning of beauty. For nature, the meaning of beauty is not related to color, height, or looks, but it is defined by hip-waist ratio. Interestingly, this ratio is constant and has been not changed during evolution. Therefore, the Miss World is as beautiful as the runner up of that competition. So all girls are equally beautiful and they are as beautiful as a girl in from the Andman – Nicobar island, India. Therefore, one should choose girl for marriage or relationship on the basis of nothing or just hip-waist ratio, which is same for all girls.

 

Parmit Singh Dhurandhar

माँ, मुझको पति चाहिए


माँ, मुझको पति रूप में,
बस वो एक खत्री चाहिए।
माँ, पिता को भी अब ये,
बात पता चलनी चाहिए।
मत पूछ की उसमे ऐसा है क्या?
रोबीला, छबीला, गठीला है वो हाँ.
शातिर है, चालक है, चालबाज है वो,
मुझे ऐसा ही मर्द खतरनाक चाहिए।
माँ, पिता को भी अब ये,
बात पता चलनी चाहिए।
आँखों से जो मदहोस कर दे,
बाहों में लेके जो खामोश कर दे.
तारे, चाँद, ना ये सितारे चाहिए,
बस खत्री के आँगन में एक खाट चाहिए।
माँ, पिता को भी अब ये,
बात पता चलनी चाहिए।

 

परमीत सिंह धुरंधर

आपन गावं के चिड़िया रहनी


अइसन -वइसन खेल ए राजा,
मत खेल आ तू हमारा से.
आपन गावं के चिड़िया रहनी,
लुटले रहनी कतना खेत बाजरा के.
जाल बिछा के कतना शिकारी,
रहलन हमरा आसरा में.
अइसन घुड़की मरनी,
हाथ मल आ तारन आज तक पांजरा में.
अइसन -वइसन चाल ए राजा,
मत चल आ तू हमारा से.
आपन गावं के खिलाड़ी रहनी,
कतना के पटकनी दियारा में.
ढुका लगा के बइठल रहलन,
कतना चोर चेउंरा में.
अइसन दावं मरनी,
आज तक दर्द उठेला उनकर जियरा में.

 

परमीत सिंह धुरंधर

तो प्रतिकार करना होगा


ये कैसी जिंदगी है, जो दर्द से भरी हैं.
आँखों में काजल है, वो भी आंसू से भींगी हैं।
ओठों पे है लाली, कानो में है बाली,
खनकती है पायल, पर अपने ही आँगन में नौकर बनी है.
थामा था जिसने हाथ, लेके फेरे हाँ सात,
पर एक रात के बाद ही, उसके बिस्तर पे लाश सी पड़ी है.
जिसकी हाँ कमर पे, कितने मर मिटे,
जिसकी एक झलक पे, कितने दीवाने थे मचले,
आज उसी के अंगों पे, खून की नदी है.
तो प्रतिकार करना होगा, ऐसे इंसानो का,
जिनकी नजर में, औरत सिर्फ एक बेबसी है.

 

परमीत सिंह धुरंधर