मेरे साईं


मैं हिन्दू हूँ, मैं पूजता हूँ साईं को भी,
मेरे राम है अवतारी और मेरे साईं भी.
मैं विष्णु का भक्त हूँ और साईं का भी,
मैं ध्यान लगता हूँ शिव का, दिख जाते हैं साईं.
मैं साईं – मंदिर जाता हूँ, मिल जाते है गणपति.
मेरे मन-मंदिर, रोम-रोम में हैं,
शिव, गणेश, राम, कृष्ण, विष्णु और साईं भी.
मेरे घर, द्वार, खेत, खलिहान, सब जगह,
पूजित हैं लक्ष्मी, दुर्गा, पार्वती, सरस्वती और साईं भी.

परमीत सिंह धुरंधर

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