नथुनिया


रोज करेलअ,
छपरा, सीवान, मलमलिया।
सैयां कहिया आई,
हो नथुनिया।
तानी सबर धरअ न,
साथे ले आइम पैजनिया।
खूब बोलेलअ,
चाँद, चंदा, चंदनिया।
सैयां कहिया आई,
हो नथुनिया।
तानी सबर धरअ न,
साथे ले आइम पैजनिया।
रोज काटेलअ,
गेहूं, धान, धनिया।
सैयां कहिया आई,
हो नथुनिया।
तानी सबर धरअ न,
साथे ले आइम पैजनिया।
सबके पढ़ेलअ,
कथा, कहानी, चिठिया।
सैयां कहिया आई,
हो नथुनिया।
तानी सबर धरअ न,
साथे ले आइम पैजनिया।

परमीत सिंह धुरंधर

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