जय माँ शारदे


जय माँ शारदे,
विद्या-बुद्धि,
मेरे मस्तक में भर दे.
ह्रदय की धड़कनों में,
हो आपकी वीणा की झंकार।
और साँसों में मेरे मैया,
संस्कार भर दे.
आँखों में हो रौशनी,
धर्म-ज्ञान की.
और मेरे धमनियों में,
परोपकार भर दे.

परमीत सिंह धुरंधर

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