धनिया से धान भइल बारु


जब से जवान भइल बारु,
धनिया से धान भइल बारु.
चमकअ तारु, चमकावअ तारु,
नाक में नथुनिया डाल के.
लहकअ तारु, लहकावअ तारु,
योवन पे चुनरी डाल के.
पूरा खिल के खलिहान भइल बारु,
जब से जवान भइल बारुं,
धनिया से धान भइल बारु.
रूप ताहर नयका,
रंग ताहर नयका.
सोना के भाव भइल बारु,
जब से जवान भइल बारुं,
धनिया से धान भइल बारु.
महकअ तारु, महकावअ तारु,
केसिया में गजरा डाल के.
छलकअ तारु, छलकावअ तारु,
अँखियाँ में कजरा डाल के.
सरसो से महुआ भइल बारु,
जब से जवान भइल बारु,
धनिया से धान भइल बारु.
लहर उठा दअ ,
जहर पिला दअ.
अंग-अंग से गुलाब भइल बारु,
जब से जवान भइल बारु,
धनिया से धान भइल बारु.

परमीत सिंह धुरंधर

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