मानसिकता


कबूतरों के राज्य में राजा कबूतर ने नए उतराधिकारी को चुनने के लिए बुद्धिमान कबूतरों की सभा में चर्चा की. उनके राज्य में लड़का और लड़की में कोई अंतर नहीं था. सभी सामान थे, लेकिन राजा  बन ने के लिए एक शर्त थी की उतराधिकारी कभी झूठ ना बोले. यहाँ तक की राजा बन ने के बाद भी. कठिनाई ये थी की दोनों उमीदवारों ने कभी झूठ बोला ही नहीं, तो राज्य किसको दिया जाये? नए कबूतर राजकुमारी को चाहते थे, उन सबने  उनके लिए मत दिया. बहुमत ना बन पाने की दृष्टि में राजा  ने गुरु से परामर्श किया. गुरु मुस्कराय और राज्य राजकुमार को दे दिया. प्रश्न ये उठता है की क्या राजगुरु सही थे या उन्होंने गलत किया पुरुष प्रधानता की मानसिकता के तहत बंध  कर……परमीत

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होली


कबूतरों की भीड़ में एक नर कबूतर बोला होली आई -होली आई,

तो सारे मादा कबूतर टूट गए उसपे चिल्लाते हुए हैप्पी होली-हैप्पी होली, परमीत.